शाफ्ट कपलिंग क्या होती है और शाफ्ट कपलिंग के प्रकार ? What Is Shaft Coupling And Types Of Shaft Couplings In Hindi

शाफ्ट कपलिंग क्या होती है और शाफ्ट कपलिंग के प्रकार ? What Is Shaft Coupling And Types Of Shaft Couplings In Hindi

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4. Compression Or Friction Grip Coupling

यह दो shaft को दृढ़ता के साथ पक्तिबद जोड़ने के लिए प्रयोग की जाती है. इस coupling में key की आवश्यकता नही होती है. इसमें दो cast iron के बने flange तथा दोहरा Conical sleeve होते है. Shaft के दोनों छोर के इस sleeve में घुमाया जाता है. यह sleeve बाहर से Conical आकृति में बना और बहुत ही अच्छी प्रकार मशीनीग किया होता है. इसमें six आरी के कट बनें होते है. प्रत्येक socket एक-दूसरें के विपरीत छोर से शुरू होते हुए अपनी विपरीत छोर पर लगभग 20 mm की दुरी छोड़कर समाप्त होते है.

जब nut और bolt के कसने से दबाव के कारण flange एक-दूसरें के समीप आते है तो sleeve के अंदर बनी झिरी के कारण sleeve shaft का दृढ़ता के साथ पकड़ा लेता है. इस प्रकार यदि shaft घिस जाए तो फिर से sleeve के अंदर स्लिप करने पर दृढ़ता से पकड़ प्राप्त की जा सकती है, जो की दो flange को nut, bolt के द्वारा दबा कर कसने से होता है. जब जोड़ी जाने वाली shaft एक पक्ति में नही होती है. तो इस प्रकार की shaft को निम्न प्रकार की दृढ़ coupling द्वारा जोड़ा जा सकता है, और इसे दृढ़ असमानान्तर shaft coupling भी कहतें है.

5. Universal Coupling Or Hooks Joint

यदि shaft के axis अक्ष एक-दूसरें से सीध में नही होते है. तो इस प्रकार की shaft को जोड़ने के लिए universal coupling का प्रयोग किया जाता है. यह विभिन्न design में बनी होती है. universal coupling में एक center block, दो pin तथा दो coller lock pin के साथ दो समान किस्म के fork स्थित होते है दोनों forks shaft के दो सिरों पर key द्वारा जुड़ी होती है. इसके बाद center block जिसमे दो भुजाएँ एक-दूसरें के लम्बवत होती है. जिसे pin द्वारा जोड़ दी जाती है. जब shaft गति करती है या गतिमान होती है तो दोनों shafts के बीच का यह कोण गति के समय बदल जाता है.

6. Oldham's Coupling

जब दो shaft के axis एक सीध में नही होते है किन्तु उनके axis एक-दूसरें के समानान्तर होते है. तो दोनों shaft इस प्रकार की coupling द्वारा जोड़े जा सकते है. इस कपलिंग में दो cast iron के बने flange तथा एक केंद्र ब्लाक होता है. Flange के अंदर बने key way के साथ दोनों flange में shaft के सिरे key द्वारा जोड़े जाते है. Cenete block एक disk या चक्कर किस्म का होता है. जिसमे इसकी प्रत्येक side में एक उभरा हुआ भाग बना होता है, जो की एक-दूसरें के लम्बवत होते है. इस disk के ये बढ़े हुए उभरे भाग flange के अंदर slide करते है. यह आज के युग में विस्तार में उपयोग की जाने वाली coupling होती है.

7. Flexible Coupling

इस कपलिंग का प्रयोग उन shaft को जोड़ने के लिए किया जाता है जिनके अक्ष एक सीध में नही होते है. इस प्रकार जिन shaft में अक्ष पक्तिबंध बहुत का अन्तर के कारण होती है. उनको आपस में जोड़ने के लिए flexile coupling सबसे उत्तम युक्ति के लिए प्रयोग की जाती है. इस प्रकार की flange coupling में power transmission के समय लगने वाले झटकों को बर्दाशत करने के लिए रबड़, स्प्रींग,वॉशर आदि लचीली युक्त flange के बीच आपस में जोड़ते समय प्रयोग की जाती है. flexile coupling निम्न प्रकार की होती है.

Pin Type Flexible Coupling

Pin type flexible coupling में एक आधे flange से दूसरें आधे flange पर शक्ति सचालन की जाती है, और flange एक-दूसरें flange के साथ pin द्वारा जुड़े होते है. दूसरें शब्दों में हम कह सकते है की इस प्रकार की coupling में एक flange को दूसरें flange को steel के बने drawing pins द्वारा चलाया जाता है, और इसमें चार drawing pin होती है. इन drawing pins पर चमड़े या रबड़ का छल्ला चढ़ाया होता है, और इनको दूसरें सबंधित flange के छिद्र में loose रखा जाता है. इस प्रकार की कपलिंग का प्रयोग बिजली मोटर से सीधे machine से जोड़ने के लिए किया जाता है. जहां पर machine तथा moter के बीच की दुरी या लम्बाई में कम होती है, इनके अतिरिक्त इस प्रकार की कपलिंग prime mover and dynamo आदि के बीच fit की जाती है.

Loose Or Disengaging Coupling

इस प्रकार की कपलिंग को चालु अवस्था में भी आवश्यकतानुसार जोड़ा या अलग किया जा सकता है. यह coupling कई प्रकार की होती है. कुछ मुख्य किस्म की कपलिंग निम्न प्रकार है.

(i). Claw Coupling Or Disengaging Coupling
(ii). Jaw Coupling

(i). Claw Coupling Or Disengaging Couplin

इस कपलिंग का प्रयोग low speed की shaft को जोड़ने के लिए किया जाता है. प्रत्येक flange में कम से कम तीन या अधिक से अधिक 6 बाहर की और निकले clow होते है. जो की दूसरें flange के उपर बने अनुरूप recess में बैठते है. एक shaft का छोर एक flange में sunk key द्वारा जुड़ा होता है, तथा दूसरी shaft का छोर दूसरें flange में feather key द्वारा जुड़ा होता है. इसलिए यह स्वतंत्रतापूर्वक उस शाफ़्ट पर slide कर सकती है. Slide करने वाली आधी कपलिंग को एक लीवर द्वारा आवश्यक दिशा में खिसकाया जाता है. लीवर का forward सिरा उस आधी coupling के base में बने groove में fit रहता है, जो की पूर्व में ही सल्गन या पृथक करने के लिए slide करने वाला बना होता है.

75 mm से अधिक diameter वाली shaft के लिए आधी खिसकने वाली कपलिंग में दो feather key का प्रबंध रहता है. दोनों feather key एक-दूसरें से विपरीत side में shaft पर लगी होती है. Bush को तेल पहुचाने के लिए एक विशेष प्रकार का stuffer type का lubricator fit किया होता है.

(ii). Jaw Coupling

इसे jaw कल्च भी कहते है. यह claw coupling की भांति ही दो भागों में बना होता है. एक आधा भाग एक shaft पर taper key के द्वारा दृढ रहता है, तथा आधा दूसरा दूसरी shaft के छोर पर feather key द्वारा जुड़ा रहता है. जो sliding के लिए स्वतंत्र रहता है. बल्कि jaw coupling के jaw या दांत claw coupling से भिन्न होते है. इसके दांत चोरस आकृति में बने होते है. यह अपेक्षाकृत बाहरी कार्यो के लिए प्रयोग किया जाता जाता है. इस प्रयोग दोनों दिशाओं में चलाने के लिए किया जाता है.

जबकि claw coupling के द्वारा shaft को केवल एक ही दिशा में चलाया जाता है. दातों की रचना या बनावट चौरस होने के कारण यह आसानी से सल्गन नही होती है. जिस कारण इसका प्रयोग धीमी गति से चलने वाली shaft पर किया जाता है. इसकी खिसकने वाली आधी coupling को भी claw coupling के समान ही forked lever द्वारा संल्गन या विल्गन करने के लिए आवश्यक दिशा में खिसकाया जाता है.

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