35. Lubricant, Lubrication And Coolant क्या होता है ? Difference Between Lubricant, Lubrication And Coolant In Hindi

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Engineering व्यवसायों में विभिन्न प्रकार की मशीनों में उपयोग किए जाने वाले parts आपस में घर्षण करते हुए कार्य करते हैं. इस घर्षण और Sliding क्रिया में मशीन smooth motion आवश्यकतानुसार प्राप्त करने के लिए एक विशेष पदार्थ जैसे तेल ग्रीस आदि का प्रयोग किया जाता है. जिसमें मशीन की दो मिलने वाली सतह खराब होने तथा घिसने पीटने से बचाई जा सकती है. इसके साथ smooth गति अथवा स्लाइडिंग motion प्राप्त किया जाता है.

Lubricant And Its Kind

Lubricant वह द्रव है जिसके कारण घर्षण अथवा दो मिलने वाली सतहों के बीच घर्षण कम होता है तेल तक चिकनाई वाली सभी पदार्थ का स्नेहकको lubricant कहते हैं. स्नेहक को lubricant देने के लिए जिस तरीके या विधि का प्रयोग किया जाता है. उसे lubricant कहते हैं. मशीन की life को काफी लंबे समय तक सुरक्षित रखता है. इसके उपयोग करने के कारण machine के parts जल्दी खराब नहीं होते हैं.

Types Of Lubricant

Lubricant निम्न तीन प्रकार की होती है.
1.Solid
2.Semi Liquid
3.Liquid Thin

Grades Of Lubricant

यह आमतौर पर तीन भागों में मिलता है
(i). Solid
(ii). Soft and thin
(iii). thin and liquid

solid किस्म के lubricant ग्रीस आदि को भार के अनुसार खरीदा जाता है. जबकि soft and thin को कैपेसिटी के अनुसार खरीदा जाता है जबकि thin and liquid को लीटर के हिसाब से खरीदा जाता है.

Common Type Of Lubricant

आमतौर पर प्रयोग किए जाने वाले स्नेहक निम्न प्रकार के होते हैं.

Grease

यह एक प्रकार का ठोस द्रव होता है तथा खनिज तेलों के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है. यह निम्न तीन श्रेणियों में मिलता है.
1.Solid And Hard
2. Soft
3. Liquid

Oil

यह एक प्रकार का तरल द्रव होता है जो कि बीज वनस्पति तथा जानवरों की चर्बी animal fats द्वारा तैयार किया जाता है. यह निम्न दो श्रेणियों में मिलता है.
(i). Thick Or Semi Liquid
(ii). Thin Or Liquid

Method Of Lubrication

विभिन्न कार्यों के लिए विभिन्न लुब्रिकेशन का प्रयोग करके विभिन्न विधियों द्वारा आवश्यकतानुसार लुब्रिकेंट दिया जाता है. आमतौर पर प्रयोग किए जाने वाले lubrication की मुख्य विधियां निम्न प्रकार से है.

Ring Oiling Lubrication

जहां पर बंद बॉक्स अथवा houses के अनुसार ऑयल टैंक बने होते हैं ऐसे स्थानों में shaft के ऊपर से बैरिंग के चारों तरफ छले डाल दिए जाते हैं और छले के नीचे का भाग टैंक के तेल में गुजरता हुआ घूमती हुई shaft पर पहुंचती है तथा कुछ मशीन पार्ट्स में ऑल टैंक होते है, और bottom gear तेल के संपर्क में आकर जब घूमती है तो उन्हें सभी जुड़े हुए gear box के गियर में तेल पहुचाते हैं. इस प्रकार ring system तेल के टैंक के द्वारा लुब्रिकेंट shaft and gear तक पहुंचता है.

Oil Cane

यह टिन का बना होता है यह वहा पर लुब्रिकेंट के लिए प्रयोग किया जाता है. जहां पर मशीन parts में oil hole बने होते है..इसमें एक मुंह तथा एक tail होता है. इसके मुंह से केन में तेल भर देते है और tail द्वारा मशीन के आवश्यक स्थानों या स्थान पर तिरछी या inclined position में रखकर press कर दिया जाता है.

Force Feed

तेल को pumping तथा हवा के बुलबुले छोड़ते हुए आवस्यकतानुसार parts में पहचानें के लिए hand pump का प्रयोग किया जाता है. इस क्रिया में तेल force होता है. इसलिए इसे force feed या hand presser system कहते है.

Grease Cup

यह भी grease को force feed या hand presser अथवा दबाव देने के लिए प्रयोग किया जाता है. जब pumping या presser system प्रयोग किया जाया है तो ग्रीस parts में चला जाता है.

Hand Pressure Lubricator

यह brass, cast iron तथा steel का बना होता है. इसका उपर का जो भाग होता है वह knurl किया होता है. जिसे घुमाने पर cup में रखें ग्रीस पर दवाब पड़ता है, और grease थोड़ा-थोड़ा machine के spindle तथा और सतहों पर पहुचता है. जहां पर इसको fit किया जाता है वहां इसे समय-2 पर घुमा दिया जाता है.

Oil Cap Or Cylindrical Cap

यह प्राय: Mild steel, gun metal तथा steel के बनाए जाते है. इसकी आकृति एक cap के अनुसार होती है. इसमें उपर का हिस्सा cap को तेल से भरने पर तथा नीचें का box तेल को machine तक पहुचाने के लिए प्रयोग किया जाता है. इसका उपयोग वहा पर किया जाता है जहां तेल को रिश्क-रिश्क कर देना होता है. Oil cap को चूड़ीयों के माध्यम से गतिशील भाग पर लगाया जाता है. इसका उपयोग अधिकतर vertical steam engine के cylinder पर किया जाता है.

Wick Lubrication Or Lubricator

यह एक साइफन की भांति होता है इसमें एक नली लगा दी जाती है, तथा इसको इसकी सतह तक तेल भर दिया जाता है और इसमें एक बती डाल दी जाती है. मशीन के चलने पर बती cap में से तेल खीचकर बूंद-2 करके shaft या machine की सतह पर डालती है. जिससे मशीन के आवश्यक भाग में Lubrication होता रहता है.

Air (हवा)

Motors में shaft के साथ हवा वितरित करने के लिए fan attachment लगी होती है. जब cast iron ब्लाक में drilling की जाती है. उस समय compressed air प्रयोग होती है. इसलिए air को coolant परपज के लिए की जाती है.

Water

Steam engine के चारों तरफ oil engine के चारों तरफ कुलिंग करने के लिए और पानी को circulate करने के लिए water tube fit रहती है. इसलिए पानी भी coolant के लिए प्रयोग होती है.

Oil

जब बहुत से metal पर turning या drilling करनी पड़ती है तो oil coolant के लिए प्रयोग करते है. इसलिए oil भी उत्तम प्रकार का किस्म का coolant होता है. जिसको विभिन्न कार्यो में विस्तार से coolant के रूप में प्रयोग में लाया जाता है.

Purpose Of Coolant (कूलेंट के उदेश्य )

1. यह job को ठंडा करता है और गर्मी द्वारा फैलने से बचाता है. 
2. तापमान को नियत्रित करता है.
3. Tool की cutting दक्षता को बढाता है.
4. कटिंग चिप्स को धोकर दूर करता है.
5. चिप्स को उड़ने से रोकता है.
6. एक स्मूथ फिनिशिंग प्राप्त करता है.
7. टूल तथा कार्य के मध्य घर्षण कम करता है.
8. Machine को घिसने तथा धीरे-2 काम से नुक्सान होने से बचाता है.

Difference Between Lubricant, Lubrication And Coolant


Lubricant

1. यह coolant की तरह ही एक सयुक्त compound होता है जो की घर्षण कम करता है.
2. तेल cutting tool की क्षमता को बढ़ाता है तथा पानी की गर्मी को कम करता है. इसमें धुलने वाला तेल पानी के साथ मिलाकर lubricant के रूप में मिलाकर कार्य में लाया जाता है.
3. यह sliding parts में देने के लिए बना हुआ compound होता है. जो आसानी से slide करने में मदद करता है.

Lubrication

1. यह lubricant देने की विधि होती है जो की मिलने वाली सतहों के बीच उनकी रक्षा हेतु लाइफ बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है.
2. इसमें केवल चिकनाई वाली पदार्थ lubrication के लिए प्रयोग किया जाता है.
3. इस विधि द्वारा sliding parts में lubricant पहुचाया जाता है.

Coolant

1. यह cutting tool के बीच प्रयोग किया जाता है. यह एक प्रकार के substance जैसे हवा, पानी, तेल होते है.
2. इसमें तेल, हवा, पानी या कोई भी lubrication coolant के रूप में job तथा tool को ठंडा करने के लिए लिए उपयोग किए जाते है.
3. यह विधिया coolant cutting tool के कटिंग एक्शन को बढ़ाता है या फिर ऐसे कहें की टूल की क्षमता बढ़ाता है.

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