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Showing posts from September, 2019

29.1 What Is Limit, Tolerance And Allowance In Hindi

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INTRODUCTION: कोई भी मशीन बनाने के लिए विभिन्न विभिन्न parts की आवश्यकता होती है. जिन्हें विभिन्न विधियों द्वारा आपस में जोड़कर उपकरण या मशीन का रूप दिया जाता है. पार्ट्स को जोड़ने की विधि को Assembly कहते हैं कभी-कभी यह parts आपस में fit नहीं होते जिससे हमें parts दोबारा फिट करने की आवश्यकता होती है. जिसके फलस्वरुप parts को Assembly करने में अधिक समय लगता है. इसलिए यह आवश्यकता है कि सारे parts शुद्धता से बनाए जाए ताकि जब कभी मशीन के खराब या घिसे हुए parts को बदलना पड़े तो उसके स्थान पर किसी कंपनी से मंगवाया गया पार्ट्स बिना किसी operation से आसानी से fit हो जाए, और machine पहले की तरह काम करने लग जाए. Interchangeability जब एक ही तरह के अधिक मात्रा के parts बनाने हो जो कि बिल्कुल एक ही size व shape और शुद्धता में एक दूसरे की जगह पर fit हो जाए विनियम शीलता या interchangeability कहते हैं. Advantage Of Interchangeability 1. Parts को assemble करने में कम समय लगता है. 2. Parts कम खराब होते हैं. 3. Production यानी की उत्पादनअधिक होता है. 4. घिसे व टूटे parts बदले में आसानी

28.2 What Is Anti Friction Bearing In Hindi, Type Of Anti-Friction Bearing

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What is Anti Friction Bearing आपको बता दे की इस bearing में घर्षण कम होता है क्योकि इस bearing में point जुड़े होते है. जिसके कारण यह bearing थोड़ी गति मिलने से ज्यादा गति पर घुमने लगते है. इसलिए यह bearing high speed के लिए ( car, jeep. moter cycle etc ) आदि के लिए प्रयोग किया जाता है. जिसके कारण surface contact कम होता है, केवल point contact होता है. Ball roller के surface grinder लेने के कारण गति बढ़ जाती है. जिसके कारण घर्षण और गर्मी कम हो जाती है. इस बेरिंग को लम्बें समय तक प्रयोग किया जा सकता है. इस bearing को हल्की गति देने के कारण यह free घुम जाता है. यह बेरिंग cast iron chromium व nickel के बनाए जाते है, व trample तथा grinde किए जाते है. Construction के हिसाब से इस बेरिंग को चार भागों में बाटा गया है. 1. Outer Or Inner Ring 2. Outer Or Inner Races 3. Cage 4. Running Element 1. Outer Or Inner Ring यह bearing nickle, chromium steel के बनाए जाते है. इस bearing में घुमने वाली ball के लिए races बनी होती है. Outer ring bearing के houses बने होते है. तथा inner ring क

28.1 What Is Bearing, Types Of Mechnical Bearing in hindi | बेयरिंग क्या होता है और मैकेनिकल बेरिंग कितने प्रकार के होते है ?

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INTRODUCTION: Work shop के अंदर power transmission करने हेतु लम्बी shaft का उपयोग किया जाता है. लम्बी shaft को सहारा देने के लिए व  power transmission करने हेतु bearing का use किया जाता है. Bearing shaft को face व smooth तथा दिशा देने के लिए प्रयोग किया जाता है. What Is Bearing - बेयरिंग क्या होता है ? लम्बी shaft या machine के घूमते हुए पुर्जो को सही स्थिति में रखने व सहारा देने वाले उपकरणों को bearing कहते है. मशीन का जो भाग घुमते हुए पुर्जो को आधार प्रदान करता है, तथा मशीनों को घुमाने में सहायक होता है उसे bearing कहते है. Bearing Metal के आधार पर कई प्रकार के होते है (I) कम गति व अधुक भार के लिए कास्ट आयरन के अधिक गति व अधिक भार के लिए ब्रोज के (II) सैल बेरिंग - व्हाईट मैटल या बैविट मैटल के (iii) इसके अतिरिकत कैडमियम स्टील, क्रोम स्टील, कॉपर, एल्युमिनियम तथा सिल्वर व एलॉय स्टील के बेरिंग बनाए जाते है. Types Of Bearing Bearing shape और load के अनुसार कई प्रकार के होते है. 1. Journal Bearing 2. Foot Step Or Pivot Bearing 3. Thrust Bearing 1. Journal Bear