7.3 Orthographic Projection क्या है ? पूरी जानकारी हिंदी में !

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What-Is-Orthographic-Projection

Orthographic Projection: यदि station point या देखने पर object से अनन्त दुरी पर स्थित हो और object के विभिन्न कोनों (edge) से इस प्रकार projection line projection plane (तल) पर गिराई जाए की यह projection line आपस में समान्तर और projection plane पर लम्बत (perpendiculer) हो तो इस प्रकार projection plane पर उस object का जो projection दिखता या बनता है उसे orthographic projection या parallel projection कहते है | इस projection की shape और size ठीक उसी प्रकार होती है जिस प्रकार की shape और size projection plane के सामने स्थित किए गये object की सतह (surface)  की होती है | इस प्रकार orthographic projection को प्राप्त (recive) करने के लिए object को इसके एक face के साथ किसी projection plane के parallel स्थित किया जाता है जिससे उस projection plane पर पड़ने वाली projection line आपस में समान्तर (parallel) और लम्बत (perpendicular) होती है | जिसके ऊपर उस object का projection प्राप्त होता है projection के द्वारा view प्राप्त करने के लिए view हमे दो dimension देते है जैसे length and width, width and height, height and length अगर view से हमे length और height प्राप्त हो तो उसे elevation view कहते है | अगर view देखने पर हमे width और length प्राप्त हो उसे plan या top view कहते है | इस प्रकार orthographic view को बनाने के लिए use की जाने वाले plan निम्न प्रकार के होते है |

Plane of Projection  क्या है ? 

वह plane जिस पर object के projection लिए जाते है उसे plane projection या picture plane कहते है |

Horizontal Plane (H.P.) क्या है ?

Ground line के समान्तर जो picture plane होगा उसे horizontal plane कहते है |

Vertical Plane  (V.P.) क्या है ?

Ground line के लम्बत (Perpendiculer) जो Picture plane होगा उसे vertical plane कहते है |

Profile Plane क्या है ?

कोई भी दूसरा picture plane horizontal plane व् vertical plane पर perpendiculer हो उसे profile plane कहते है | इसे side plane कहते है vertical plane पर object का projection view बनता है उसे elevation या front view कहते है | horizental plane पर object के projection से जो view बनता है उसे top view या plan कहते है |

Auxiliary Vertical Plane क्या है ?

Vertical plane पर object के projection से जो view बनता है उसे profile या side view कहते है | object के left hand से देखने पर left  side view और right hand side से देखने पर right side view बनता है |

General Rules for Orthographic Projection: 

Orthographic projection बनाते समय निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए |
1. Object का front view हमेसा vertical plane पर बनता है | object का top view या plan हमेसा horizental plane पर बनता है |
2. Object का side view हमेसा side  vertical plane पर बनता है |
3. Elevation और side view हमेसा horizental एक ही line में होनी चाहिए |
4. Vertical और top view हमेसा vertical की एक ही line में होनी चाहिए |
5. Elevation की लम्बाई plane की लम्बाई के बराबर होनी चाहिए |
6. Elevation की ऊंचाई और side की ऊंचाई हमेसा बराबर होनी चाहिए |
7. Plane की लम्बाई side की चोड़ाई के बराबर होनी चाहिए |
8. First angle projection में plane को घुमाया जाता है तो object ground line के ऊपर तथा horizental plane के नीचे आ जाता है |
9. इस प्रकार के method में front view ground line से ऊपर top view ground line के नीचे बनता है | यह दोनों view एक ही vertical रेखाओ के बीच बनते है |
10. Third angle projection में elevation ground line से नीचे तथा vertical plane पर तथा plane view ground line से ऊपर तथा horizental plane पर बनता है | क्योकि में इस विधि में plane को घुमाया जाता है vertical plane ground line से नीचे आ जाता है | तथा horizental plane ground line से ऊपर आ जाता है |
11. Right hand side view को right hand से देखकर right hand side में draw किया जाता है |
12. Third angle projection में plane या top view को ऊपर से देखकर horizental plane पर बनाया जाता है |
13. First angle projection तथा third angle projection के अलग-2 चिन्ह प्रयोग किए जाते है |

Orthographic view draw करने के लिए निम्नलिखित विधि प्रयोग की जाती है |

1.किसी भी दिए हुए picture view की over all dimension पढनी चाहिए और हुए view की drawing को drawing sheet पर बनाने के लिए सही scale को select करना चाहिए |

2.किसी भी object की drawing बनाने से पहले उसके आकार और size को अच्छी तरह से समझना चाहिए |

3.किसी भी object के अलग-2 view draw करने से पहले उसके बीच के space के बारे में पूरा ज्ञान होना चाहिए |
4.view को पूरा करने के पश्चात अनआवश्यक रेखाओ को हटा देना चाहिए |

5.view में यदि hole या cylinder इत्यादी draw करना हो तो उसकी पहले center line draw करनी चाहिए |

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