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7.2 Pictorial Projection क्या है ? Types Of Pictorial Projection in hindi.

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PICTORIAL PROJECTION :- वह projection जिसमे object की shape और size एक ही view में आसानी से समझ आ जाए उसे pictorial projection कहते है | pictorial projection object की shape और detail समझने के लिए होता है | परन्तु Actual dimension show नहीं कर सकते | इसलिए object हमे छोटा दिखाई देता है | तीन dimension वाले object को सही shape और size में draw नही कर सकते | इसलिए engineering drawing में दो या दो से अधिक view में दिखाने के system को pictorial projection कहते है | Pictorial Projection 3 प्रकार के होते है. 1. Axonometric Projection 2. Oblique Projection 3. Perspective Projection Axonometric Projection क्या है ? इस projection में object इस प्रकार रखा जाता है की उसकी तीनो face एक ही view में दिखाई देते है | और projection की तीनो faces picture plane के झुकाव (inclined) हो | उसे axonometric projection कहते है इस projection में object की सही length दिखाई नहीं देती | इसमें सभी किरणे picture plane के समान्तर होती है | Axonometric Projection 3 प्रकार के होते है | (i). Isometri

7.1. Projection and Orthographic Projection in Hindi | प्रोजेक्शन और ओर्थोग्राफिक प्रोजेक्शन के सिद्धांत

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INTRODUCTION :- Geometrical figure आमतौर पर दो dimension के होते है | Drawing sheet पर उसका सही size आसानी से draw कर सकते है | परन्तु कभी-2 drawing sheet पर three dimension वाले object को draw करना बहुत मुश्किल (hard) होता है | तो three dimension वाले object अपने right side में draw नही किया जा सकता है | three dimension वाले object के लिए यह बहुत जरुरी है की drawing sheet पर object की shape दिखाई दे | एक observer एक दिशा से object की shape को देखता है तो observer उसी projection से object को  समझता है | जब  observer object को देखता है तो object की हर एक point से किरणे observer की आँखों से मिलती है screen observer और object के बीच रख देता है तो यह किरणे screen से होती हुई observer की आंख तक मिलती है तो पिक्चर  plane पर object की छाया को छोडती है इसी  छाया को projection कहते है | Projection किसे कहते है ? यदि किसी object के centre और various point से अलग-2 straight line draw की जाए और इन straight को correct system से मिलाने पर जो चित्र बनता है | उसे projection कहते है |

6.2 General Rules for Dimensioning | Dimensioning के लिए सामान्य नियम |

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GENERAL RULES FOR DIMENSIONING   :- Complete drawing में dimension देने से पहले dimension के general rules के बारे में पुरा पता होना चाहिए | Dimensioning rules in Engineering drawing | इंजीनियरिंग ड्राइंग में Dimensioning नियम | 1.जहाँ तक संभव हो सके dimension एक ही unit में देनी चाहिए | 2.किसी object की dimension देने के लिए एक ही system का प्रयोग करना चाहिए | Dimension aligned system में देनी चाहिए | 3. Dimension line dimension figure को काटनी नहीं चाहिए | 4.All dimension इस प्रकार से देनी चाहिए की उसका प्रयोग साफ़ धिखाई दे | 5.जहा तक संभव हो सके विमाकन रेखा object के बाहर देनी चाहिए | 6.विमाकन रेखा (Dimension line) आपस में cross नहीं करनी चाहिए | 7.Out line और centre line का प्रयोग dimension line की जगह प्रयोग नहीं करना चाहिए |   What Is Chain Dimension ? Chain Dimension क्या है ? Chain type dimension केवल वहा पर प्रयोग की जाती है जहा पर object chain dimension में हो | इस system में सबसे पहले छोटी dimension फिर बड़ी dimension देनी चाहि